Thursday, August 16, 2018

घाव जल्दी भरने के उपाय और घरेलू इलाज

जख्म ठीक करने के लिए हम घरेलू नुस्खे और देसी उपायों से उपचार कर सकते है। ये तरीके अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले सस्ते और किफायती है। इन उपायों से पुराना घाव तक सूखने और उनके दाग/निशान भी मिटाने में मदद मिलती है।

1. घाव की दवा हल्दी और गोमूत्र
हल्दी का प्रयोग घाव भरने में बहुत असरदार साबित होता है। हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होने के कारण इन्फेक्शन और साइड इफ़ेक्ट से बचने में मदद मिलती है |

गोमूत्र का प्रयोग घाव को साफ़ करने के लिए करे। ऐसा करने से घाव जल्द भर जाता है और दर्द में भी आराम मिलता है ऐसा करने के बाद हल्दी का लेप लगाये |

2. शहद से घाव कैसे भरे
शहद बहुत ही गुणकारी औषधि है जिसका उपयोग पुराने समय से ही बहुत से रोगों में किया जाता है। शहद में एंटी बेक्टरीअल तत्व होते है जो घाव को बेक्टेरिया से बचाने में मदद करते है। यदि घाव हल्का हो तो उसे साफ़ करने के बाद शहद लगाकर उसपर पट्टी बांध दे ऐसा करने से घाव सूखने में कम वक्त लगता है।

स्किन की सूजन दूर करने में भी शहद बहुत कारगर है शहद लगाने से सूजन से राहत मिलती है।

3. चोट लगने पर उपचार करे आईस पैक से
यदि घाव पर सूजन कम होने का नाम नहीं ले रही तो आईस पैक का प्रयोग बहुत कारगर तरीका है। आईस पैक के उपयोग से खून का बहना तो कम होता है बल्कि दर्द में भी राहत मिलती है इससे घाव भी जल्द भरने लगता है।
आईस पैक का प्रयोग बहुत ध्यान से करना चाहिए। इसका प्रयोग खुले और इन्फेक्टेड घावों पर नहीं करना और ना ही सीधे तौर पर त्वचा पर लगाये।

यदि आपके पास आइस पैक उपलब्ध नहीं है तो आप एक टॉवल ले, उसे बर्फ वाले बॉक्स में लगभग दस से पन्द्रह मिनट के लिए रखे और फिर इसके बाद किसी अन्य चीज़ पर अच्छे से लपेट कर घाव वाली जगह पर प्रयोग करे।

4. जख्म का देसी इलाज है एलोवेरा
एलोवेरा का प्रयोग घाव को ठीक करने के लिए बहुत लाभदायक है यदि घाव अधिक गहरा न हो तो अलोवेरा के पत्तों का उपयोग हम घाव पर कर सकते है। इस से सुजन में भी आराम मिलता है और घाव जल्दी ठीक हो जाता है।
एलोवेरा का प्रयोग ना करे यदि घाव अधिक गहरा हो।
अलोवेरा के प्रयोग से वैसे तो साइड इफ़ेक्ट या एलर्जी नहीं होती परन्तु अगर इसके प्रयोग से घाव का रंग लाल हो जाये तो डाक्टर से सम्पर्क करे। जलने और कटी हुई स्किन पर जल्दी आराम पाने के लिए अलोवेरा का रस बहुत फायदेमंद है।

5. सिरका से जख्म के उपाय
जख्म के उपचार में सिरका का प्रयोग भी बहुत महत्वपूर्ण उपायों में से एक है अगर स्किन जल गयी है या कट गयी है रुई पर सिरके की एक से दो बूंद लगाकर घाव वाली जगह पर लगाये ऐसा करने से जलन तो महसूस होगी पर इससे घाव में जल्द ही आराम मिलेगा।

यदि आपको कोई चोट लगी है और जख्म है तो आप दूध को अच्छे से उबालकर उसमें हल्दी डालकर आप पी सकते है।

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे और घरेलू उपाय

अश्वगंधा एक प्रकार का पौधा है जिससे पाउडर और कैप्सूल के रूप में कई तरह की आयुर्वेदिक दवाइयां बनाई जाती है, इसके साथ साथ कई घरेलू नुस्खे में इस औषधि का प्रयोग किया जाता है।

1. सफेद पानी (लिकोरिया) की वजह से women के शरीर में कमजोरी आने लगती है और साथ ही प्रजनन क्षमता पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। अश्वगंधा के सेवन से महिलाओं को इस रोग से काफी राहत मिलती है। ब्रेस्ट का साइज़ बढ़ाने के लिए अश्वगंधा शतावरी के साथ ले।

2. पुरुषों के लिए भी अश्वगंधा चूर्ण से होने वाले फायदे अनेक है। इसके सेवन से men की प्रजनन क्षमता बढ़ती है, शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है, शारीरिक थकान, कमजोरी दूर होती है, शरीर में जोश आता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जो लोग अनिद्रा के रोग से परेशान है और गहरी नींद नहीं ले पाते उनके लिए अश्वगंधा एक अचूक दवा है।

3. वजन बढ़ाना है तो इसमें भी अश्वगंधा का सेवन काफी फायदेमंद होता है। अश्वगंधा और शतावरी को मिलाकर इसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाये और रात को सोने से पहले या कसरत के बाद इसका 1 चम्मच पाउडर खाये और ऊपर से गरम दूध पिए। 1 महीना ये उपाय करने पर weight gain होने लगेगा। जाने वजन कैसे बढ़ाये ।

4. अश्वगंधा से हाइट कैसे बढ़ाये, अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो इसका जवाब है हां अश्वगंधा से हाइट बढ़ती है। लम्बाई बढ़ाने के लिए ये रामबाण आयुर्वेदिक मेडिसिन है। 1 गिलास दूध में 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण मिला कर इसका सेवन करे। ये उपाय 40 से 45 दिन नियमित करने पर हाइट बढ़ाने में मदद मिलती है।

5. हाई ब्लड प्रेशर के उपचार में भी ये काफी फायदेमंद है। हाई बीपी की बीमारी में अश्वगंधा चूर्ण दूध के साथ सेवन करे। इसका सेवन करने से तनाव भी कम होता है। लो बीपी होने पर इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।

6. फोड़े फुंसी और जख्म ठीक करने के लिए अश्वगंधा के पत्तों को पीस कर घाव पर लगाए।

7. आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अश्वगंधा, आंवला और मुलेठी को बराबर मात्रा में मिला कर इस पाउडर का 1 चम्मच रोजाना ले।

8. टीबी का देशी इलाज में भी ये दवा काफी फायदा करती है और खांसी भी दूर होती है। इसके उपयोग से बॉडी में आयरन की मात्रा बढ़ती है।

9. कैंसर (cancer) के इलाज में भी ये औषधि काफी उपयोगी है। अश्वगंधा कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकने का काम करती है।

10. अश्वगंधा कैप्सूल और पाउडर के फायदे, कुछ और रोग भी है जिनके उपाय में अश्वगंधा का उपयोग किया जा सकता है जैसे की वेट लॉस, बॉडी बनाना, गठिया, कफ, अस्थमा, खांसी, स्किन के लिए, बालों के लिए, लिवर के रोग और बॉडी इम्यूनिटी बढ़ाना।

पेट साफ करने की दवा और घरेलू उपाय

1. जल्दी पेट साफ करने के लिए चूर्ण लेना है तो कायम चूर्ण और पेट सफा चूर्ण का सेवन करे। कब्ज से राहत पाने और पेट के रोग दूर करने में ये काफी फायदा करते है। गुनगुने दूध के साथ 1 चम्मच चूर्ण रात को सोने से पहले लेने पर अगली सुबह खुल कर पेट साफ हो जाएगा।

2. मल साफ ना होना की समस्या को दूर करने के लिए त्रिफला चूरन रामबाण दवा है। रोजाना त्रिफला का सेवन करने पर constipation से छुटकारा मिलता है।

3. पेट साफ कैसे करे पतंजलि की दवा में बाबा रामदेव के अनुसार पतंजलि कब्ज चूर्ण, पतंजलि दिव्य शुद्धि चूर्ण और दिव्य गैसहर चूर्ण कुछ ऐसे नाम है जो कब्ज के इलाज में असरदार है।

4. होम्योपैथिक दवा से भी कब्ज के रोग को खत्म करने में मदद मिलती है। Silicea 200 नाम की homeopathic medicine की 3 बूंदे 10 मिनट के अंतराल में दिन में 3 बार ले। .

5. पेट साफ करने की गोली लेनी है तो अंगेजी दवा की जगह आयुर्वेदिक ले। Pet saffa churan और kayam churna टेबलेट के रूप में भी उपलब्ध है। चूर्ण की जगह गोली का सेवन करना थोड़ा आसान होता है। रात को सोने से पहले इसकी 1 गोली ले और अगर कब्ज पुरानी है या गंभीर है तो 2 गोली ले सकते है।

6. छोटी व बड़ी हरड़ 100-100 ग्राम, आंवला 100 ग्राम और बहेड़ा 100 ग्राम ले। अब इन सभी को मिला ले और पीस कर चूर्ण बना ले। जब भी कब्ज की समस्या हो इस चूर्ण का सेवन करे जल्दी राहत मिलेगी।

7. तुरंत पेट साफ करने के लिए एनिमा करना भी एक अच्छा उपाय है। आप घर पर खुद गुनगुने पानी से एनिमा कर सकते है, इससे कुछ ही देर में मल साफ हो जायेगा और पेट हल्का महसूस होगा।

फैटी लीवर का इलाज के घरेलू नुस्खे और उपाय

1. लिवर सिरोसिस (जिगर के संकोचन) में दिन में 2 बार प्याज खाने से फायदा मिलता है।

2. फैटी लीवर का आयुर्वेदिक इलाज , 25 ग्राम आंवले का रस या फिर 4 ग्राम सूखे आंवले का चूर्ण पानी के साथ दिन में 3 बार लेने से 15 से 20 दिनों में जिगर के सभी दोष दूर हो जायेंगे।

3. जिगर के रोग में दोपहर के खाने के बाद लस्सी/छाछ पीना काफी फायदेमंद है। इस घरेलू नुस्खे में छाछ में हींग, नमक, जीरा और काली मिर्च मिलाकर पीना उत्तम है।

4. आधा निम्बू 100 ग्राम पानी में निचोड़कर इसमें नमक डालें और दिन में 2 से 3 बार पिए। इस उपाय से भी जिगर की खराबी का इलाज कर सकते है, ध्यान रहे इस मिश्रण में चीनी मत डाले।

5. फैटी लिवर के उपाय करने में ग्रीन टी का सेवन करना काफी असरदार है। अच्छे परिणाम पाने के लिए आप ग्रीन टी को अपनी डाइट में शामिल करें और ग्रीन टी के एंटीऑक्सीडेंट गुणों का फायदा उठाएं।

6. 200 से 300 ग्राम पके हुए जामुन हर रोज खाली पेट खाने से भी लिवर की खराबी दूर करने में मदद मिलती है।

7. विटामिन सी फैटी लिवर का घरेलू इलाज है। बेहतर परिणाम के लिए खाली पेट नींबू और संतरे का जूस पीएं।

8. करेला स्वाद में भले ही कड़वा होता है पर फैटी लिवर के अचूक उपचार के लिए मददगार है। जल्दी ठीक होने के लिए हर रोज 1 या 1/2 कप सब्जी करेले की खाएं या फिर करेले का जूस बना कर पिए।

9. आप अगर फैटी लिवर से प्रभावित हैं तो कच्चा टमाटर को अपने आहार में शामिल करे। अच्छे परिणाम पाने के लिए नियमित इसका सेवन करना चाहिए।

10. लीवर का उपचार के लिए फैट फ्री डाइट ले, अगर आप सोचते हैं की डाइट से फैट घटाने के लिए भूखा रहना पड़ेगा तो ये गलत हैं। भूखा रहना लीवर के लिए हानिकारक है, इससे फैटी लिवर की आशंका और भी बढ़ जाएगी। लीवर को स्वस्थ रखने के उपाय के लिए आहार में जूस और फल लें और पानी अधिक मात्रा में पीएं।

Sunday, May 6, 2018

गर्दन में अकड़न को दूर करने के घरेलू उपाय

गर्दन में अकड़न को दूर करने के घरेलू उपाय 

कई बार गलत तरीके से बैठने या गलत तरीके से सोने से गर्दन में गर्दन में अकड़न या गर्दन की जकड़न की समस्या होने लगती है। यह समस्या कुछ ऐसी है जिसमें आप अपनी गर्दन को थोड़ा भी मूव करते हैं तो आपको परेशानी होने लगती है। गर्दन में अकड़न को दूर करने के घरेलू उपाय आज के इस लेख में हम यही बात करेंगे! वैसे आप कंप्यूटर मोनिटर के सामने यदि आप कई-कई घंटों तक काम करते हैं तो उस अवस्था में भी आपको गर्दन के जॉइंट में भी अकड़न की समस्या होने लगती है। इसके अलावा लंबे समय तक ड्राविंग और लगातार कई घंटे तक अपने स्मार्ट फोन पर नजरे गड़ाए रखना भी आपके गर्दन में अकड़न पैदा कर सकता है।

गर्दन की जकड़न से छुटकारा दिलाए पुदीना का तेल

गर्दन की जकड़न से छुटकारा दिलाए पुदीना का तेल 

 

पुदीने का तेल एक ऐसा तेल है जो आपके शरीर पर एक शांत प्रभाव को छोड़ता है और मांसपेशियों को राहत देता है। इसमें रोगाणुरोधी गुण भी हैं, जिससे यह मुंह की बदबू को दूर करने और पाचन संबंधी समस्याओं को शांत करने में मदद कर सकता है। यदि आप गर्दन में अकड़न की समस्या से जुझ रहे हैं तो आपके लिए पुदीने का तेल बहुत ही लाभकारी होगा। 

पेपरमिंट ऑयल मेन्थॉल है जो गर्दन में अकड़े हुए मांसपेशियों को ठीक करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसकी एनाल्जेसिक गुण दर्द और असुविधा को कम करने में मदद करती है। 

इसके लिए आप दो छोटे चम्मच जैतून के तेल को हल्का गर्म कर लीजिए और उसमें पुदीने के तेल की कुछ बूंदे उसमें डालिए। फिर गर्म तेल से अपने गर्दन की मसाज करें। आप कुछ दिन के लिए इस घरेलू उपचार का उपयोग दिन में दो बार कीजिए। इस बात का ध्यान दीजिए कि बच्चों और जिन लोगों की संवेदनशील त्वचा है उन्हें पुदीने के तेल के उपयोग से बचना चाहिए। 

गर्दन के दर्द में राहत दे सेंधा नमक

गर्दन के दर्द में राहत दे सेंधा नमक 

 

सेंधा नमक के बहुत ही फायदे हैं जो न केवल सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हार्मोन्स का बैलेंस बनाएं रखता है जो तनाव से लड़ने में मदद करते हैं बल्कि यह नमक मांसपेशियों के ऐंठन और अकड़न के साथ ही जोड़ों के दर्द को भी कम करता है। यह मांसपेशियों में तनाव, दर्द और सूजन को राहत देने के लिए काम करता है।

स्पॉमम नमक या सेंधा नमक जो केमिकल कंपाउंड मैग्नीशियम सल्फेट से बना है, गर्दन के अकड़न को कम कर सकता है। यह शरीर में विभिन्न एंजाइमों की गतिविधि को विनियमित करने में मदद करता है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है। इसकी मदद से मांसपेशियों में तनाव को कम किया जा सकता है।

इसके लिए आप दो कप सेंधा नमक लीजिए और इसे पानी से भरे हुए बाथ टब में डाल दीजिए। बाथटब में पानी थोड़ा गर्म होना चाहिए। फिर गर्दन को 15 से 20 मिनट के लिए इस पानी से भिगोएं। आप सप्ताह में 3 बार इसे कर सकते हैं। इस बात का ध्यान दीजिए कि जिन्हें किडनी या फिर डायबिटीज की समस्या है उन्हें इस उपचार को नहीं अपनाना चाहिए। 

गर्दन में अकड़न में फायदेमंद है मसाज

गर्दन में अकड़न में फायदेमंद है मसाज 

 

गर्दन में अकड़न को दूर करने के घरेलू उपाय में मसाज भी शामिल है। धीरे-धीरे मसाज करने से आपका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है जो आपके मांसपेशियों को आराम देता है। यह गर्दन की कठोरता को कम करने में सहायता करता है। इसके अलावा, यह आपके बेहतर नींद में मदद करेगा। 

 

इसके लिए आप पहले अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए हल्के गर्म स्नान करें। फिर आप जैतून के तेल, नारियल तेल या सरसों के तेल को हल्का गर्म करके प्रभावित जगह पर मसाज कर सकते हैं। इस बात का ध्यान दीजिए कि आप मसाज तेजी से न करें। आप चाहे तो  गर्दन में अकड़न के लिए एक्सरसाइज भी कर सकते हैं।

फूड पॉइजनिंग के लिए घरेलू उपचार

फूड पॉइजनिंग के लिए घरेलू उपचार

फूड पॉइजनिंग दूषित भोजन के खाने के कारण होने वाली एक बीमारी है। यह आमतौर पर गंभीर बीमारी नहीं है और उपचार के बाद कुछ दिनों के भीतर ज्यादातर लोग ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा फूड पॉइजनिंग के लिए घरेलू उपचार भी है जिसे बिना किसी नुकसान के इस्तेमाल किया जाता है!सेब का सिरका

सेब का सिरका

प्राकृतिक रूप से सेब का सिरका सबसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है। इसका सेवन शरीर को बहुत ही लाभ पहुंचाता है। इसमें वजन घटाने, कम कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर के स्तर को कम करने और मधुमेह के लक्षण को दूर करने जैसे लक्षण शामिल हैं।

फूड पॉइजनिंग के लिए आप एक से दो बड़े सेब का सिरका लीजिए। फिर इसे एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं और उसी समय पी जाइए। इसे दिन में दो से तीन बार पीजिए। सेब के सिरके में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण खाद्यजन्य बैक्टीरिया के लिए बहुत ही प्रभावी है। सेब का सिरका मिनरल्स और एंजाइमों का एक समृद्ध स्रोत है जो शरीर को स्थिर करने में मदद कर सकता है।

नींबू का जूस

शरीर को ठंड़ा रखने और पानी की कमी को पूरा करने के लिए लोग नींबू के जूस का सेवन भरपूर मात्रा में करते हैं। गर्मियों में नींबू पानी पीना हर उम्र के लिए उपयोगी है। नींबू पानी न केवल शरीर के विषाक्त पदार्थ को दूर करके, शरीर को साफ करने में मददगार है। नींबू का रस एंटीऑक्सीडेंट का एक समृद्ध स्रोत है जो आपके शरीर की समग्र उपचार में सुधार करता है।

इसकी जीवाणुनाशक गतिविधि फूड पॉइजनिंग से लड़ने में बहुत ही सहायता करता है। नींबू का रस भी पाचन में सहायता करता है और आपको तेजी से ठीक होने में मदद करता है। इसके लिए आप आधा नींबू का रस निकालें और इसे एक गिलास पानी के साथ मिलाएं। स्वाद के लिए कुछ शहद मिलाएं और इसका सेवन करें। आप इसे रोजाना 2 से 3 बार पी सकते हैं। 

लहसुन

लहसुन

लहसुन न सिर्फ खाने का जायका बढ़ाता है बल्कि आपकी सेहत में भी लहसुन की एक अहम भूमिका है। नियमित रूप से लहसुन का उपभोग एलिसिन के एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के कारण कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। यह रक्तचाप और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के लिए भी बेहद फायदेमंद है।

लहसुन में शक्तिशाली जीवाणुरोधी, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो खाद्यजनित रोगों को नष्ट करने में मदद कर सकते हैं। इससे दस्त और पेट दर्द से भी छुटकारा पाया जा सकता है। फूड पॉइजनिंग के लिए आप रोज एक कच्चा लहसुन चबाइए। जब तक आपको आराम नहीं मिल जाता तब तक आप लहसुन को चबाइए।

केला

केला फाइबर और पोटेशियम में समृद्ध स्रोत हैं। वे आपके शरीर में खोए पोटेशियम को भर देता हैं, जो बदले में, आपको फिर से ऊर्जा प्रदान करता है और फूड पॉइजनिंग के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। इसके लिए आप नियमित रूप से केले का सेवन कीजिए।

तुलसी

फूड पॉइजनिंग के लिए घरेलू उपचार में तुलसी भी शामिल है। तुलसी धार्मिक, आध्यात्मिक और आयुर्वेदिक महत्व की दृष्टि से विलक्षण पौधा है, जिसका इस्तेमाल हर किसी के घर में किया जाता है। फूड पॉइजनिंग के लिए तुलसी के पत्ते को पीस लें और उसका रस निकाल लें। आप एक चम्मच तुलसी के रस में एक चम्मच शहद मिलाइए और उसका तत्काल उसका सेवन कीजिए। इसके अलावा आप एक कप पानी में एक बूंद में तुलसी मिलाइए और इसका सेवन कीजिए। 

दालचीनी फेस पैक त्वचा में लाए चमक


दालचीनी फेस पैक त्वचा में लाए चमक 

आप मुंहासे को हटाने वाले क्रीम और मलहम पर पैसा खर्च करने से थक चुके हैं और वांछित परिणाम प्राप्त करने में विफल हो रहे हैं, तो कुछ समय के लिए घरेलू उपायों पर ध्यान देना चाहिए। कई लाभों को ध्यान में रखते हुए आज घरेलू और प्राकृतिक उपचार लोगों के बीच अधिक से अधिक लोकप्रिय हो रहा है। आपको बता दें दालचीनी अपने कई स्वास्थ्य लाभों के लिए व्यापक रूप से जाना जाता हैं। हालांकि, केवल कुछ ही लोग जानते हैं कि दालचीनी पाउडर आपकी त्वचा के लिए लाभप्रद भी हो सकता है।

त्वचा के लिए दालचीनी का फेस पैक

त्वचा के लिए दालचीनी का फेस पैक 

 

1. इसके लिए आप नींबू के रस में थोड़ा दालचीनी पाउडर मिलाएं। यह मुंहासे को दूर करने का एक शानदार उपाय और एक प्रभावी समाधान है।

2. इसके अलावा शहद और दालचीनी का मिश्रण त्वचा की खुजली समस्याओं और उपचार के लिए अत्यधिक प्रभावी है।

3. यदि आपको ब्लैकहैड की समस्या है तो उपचार के लिए आप ताते नींबू के रस की कुछ बूंदों और चुटकीभर दालचीनी पाउडर को मिलाएं

आपको प्रभावी परिणाम मिलेंगे।

4. एक टेबल स्पून शहद लीजिए और उसमें एक टी-स्पून दालचीने मिलाएं और चेहरे पर लगाए। चेहरे पर चमक आएगी।

5. दालचीनी चेहरे और शरीर पर मुंहासे की समस्या से छुटकारा पाने में मदद करता है। यह बाहरी त्वचा की सतह पर रक्त और ऑक्सीजन लाने में मदद करता है। आप प्रभावित क्षेत्रों पर शहद का पेस्ट लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दे आपको फायदा मिलेगा।

6. दालचीनी त्वचा को मृत त्वचा की कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है और त्वचा को चमकीला और मुलायम लाने में मदद करता है। स्किन ड्राईनेस से लड़ने के लिए आप समुद्री नमक, बादाम का तेल, जैतून का तेल, शहद और दालचीनी को मिलाएं और त्वचा पर स्क्रब करें।

7. एंटिफंगल और जीवाणुरोधी गुणों से भरपूर दालचीनी रंग को बढ़ाने में मदद करता है। इसके लिए आप केला, दही, दालचीनी, और नींबू का रस को मिलाकर चिकना पेस्ट बनाएं। फिर इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद चेहरे को धो लें।

8. दालचीनी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और ऑक्सीजन और रक्त को त्वचा की बाहरी सतह पर लाता है। इसके लिए आप दालचीनी के तेल की दो बूंदे और पेट्रोलियम जेली को मिलाकर घरेलू उपाय तैयार करें और आंख के क्षेत्र को बचाते हिए पूरे चेहरे लगाएं।

दालचीनी के फायदे

दालचीनी के फायदे

1. दालचीनी में पोलीफेनॉल नाम का एंटीऑक्सिंडेंट होता है जो इसे सुपरफूड का दर्जा दिलाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी है जो गंभीर सूजन की समस्या को रोकता है।

2. दालचीनी खून में ग्लूकोज के स्तर को सामान्य बनाने में सहायक साबित होता है। इसके अलावा यह ब्लड शुगर को सुधार करने में मदद करता है।

3. दालचीनी खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। इसकी वजह से संक्रामक रोगों का खतरा कम हो जाता है। दालचीनी वायरस को दूर कर सकता है जिसकी वजह से फ्लू और सर्दी होता है। यह खराब बैक्टीरिया के विकास भी रोकता है।

4. इसे खाने से बॉडी में खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्रि ग्लीसेराइड्स का स्तर कम होता है। इसकी वजह से उच्च वसायुक्त भोजन का प्रभाव कम हो जाता है।

5. दालचीनी वसा को तोड़ने में मदद करता है और इस प्रकार यह पाचन में सहायता करता है। इसके अलावा, शहद और दालचीनी का संयोजन भी पेट के अल्सर को ठीक करने और गैस से राहत देने में मदद करता है।