Sahara Ayurveda
Saturday, March 7, 2026
लग्न होणार आहे? शरीरातील कमजोरी दूर करण्यासाठी 30 दिवसांचा प्लॅन
Tuesday, November 29, 2022
यूरिक एसिड और गठिया को ठीक करेंगे ये घरेलू उपाय.
यूरिक एसिड आज बहुत गंभीर समस्या बन चुकी है जिसकी वजह से गठिया, जोड़ों में दर्द और आर्थराइटिस की परेशानी हो रही है। ध्यान देने वाली बात तो यह है कि वक्त पर लोगों को इसका पता नहीं चलता। लेकिन कुछ उपाय हैं जिनके जरिए यूरिक एसिड का इलाज किया जा सकता है।
सहारा आयुर्वेदा, पुणे.
9890007014
Tuesday, February 8, 2022
दात दुखणे, हलणे किंव्हा किडणे या साठी उपाय
दात दुखणे, हिरड्या सुजणे, दात किडणे असे दाताचे अनेक आजार आजकाल अगदी लहान मुलांना पण होतात,एकदा नैसर्गिक दात गेला कि गेला मग तुम्ही कितीही पैसे खर्च करून नवीन नैसर्गिक दात परत आणु शकत नाही,
डॉक्टर कडे जाण्याच्या आधी खालील घरगुती उपाय करून पहा.
१. वेळ मिळेल तेव्हा पेरूचे पान खावे, दात निरोगी राहतात, १५ दिवस सलग खाल्यास दात कधी दुखणार नाही , मजबूत होतात.
२. आंब्याच्या पानाने पण चावून खाल्यास दात दुखणे राहते
३. अशोकाच्या पान खाल्यास हि दात निरोगी राहतात.
४. मुळ्याचा तुकडा घ्यायचा, त्यावर खायचा सोडा ताखायचा व त्याने दात घासायचे, लगेचच दात पांढरे शुभ्र होतात.
५. दाढी मधील कीड काढण्यासाठी
चिमूटभर वावडिंगा १० मिनिटे पाण्यात भिजत ठेवा.मिनिटांनी काढून पांढऱ्या कपड्यात पुरचुंडी करून किडलेल्या धाडे वर ठेवा. तोंडातील लाळ गिळू नका. एक तासा नंतर तोंडातून पुरचुंडी काडा, सगळी धडे मधील कीड/अळ्या चिकटलेली असेल.
६. हिरडी सुजली असेल तर
मोर आवळा घ्या.तांब्याभर पाण्यात कडक उकळवा.कोमट झाल्यावर गाळून घ्या. खळ - खळ चूल भरा .सुजलेली हिरडी लागेच जागेवर बसते.
७. किडलेल्या दाताने मुळा कर कर चावा, लाळ , थुंकी गिळू नका. नंतर कोमट पाण्याने चुळ भरा. हे तीन दिवस करा, कीड निघून जाईल.
८. ज्यांचे दात हालतात त्यांनी दात काडू नका, मुळ्याचा छोटी वाटी रस काढा, २ चिमून मीठ घाला व सकाळ संद्याकाळी खळ खळ चुळ भरा. १५ दिवसात दात घट्ट होतात, २० दिवस केले तर हलणाऱ्या दाताने सुपारी फोडून खाल एवढे घट्ट होतात.
९. काही लोकांना दात नसतात त्यांनी अन्न चघळून चघळून खावे, अन्नासोबत जास्तीत जास्त लाळ पोटात जाणे गरजेचे आहे. ज्यांना दात आहेत त्यांनी खूप चावून चावून खाल्ले पाहिजे , पचनाचे त्रास होत नाही व अन्न अंगी लागते व तब्बेत पण सुधारते.
Wednesday, February 2, 2022
आयुर्वेद के ये 10 नियम आपको लंबे समय तक रख सकते हैं हेल्दी और जवां
आयुर्वेद वैद्य पटेल जी के कुछ टिप्स अपनाने के बाद आप लंबे समय तक जवां और हेल्दी रह सकते हैं।
आयुर्वेद के लाभों से भला कौन वाकिफ नहीं है?
बच्चे से लेकर नौजवान तक और गर्भवती महिला से बुजुर्गो तक, आयुर्वेद में सबके जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने की क्षमता होती है। आयुर्वेद एक बिलकुल ही अलग पद्धति है। इससे आप बिना किसी साइड इफेक्ट के अपनी प्रॉब्लम्स को दूर कर सकते हैं।
आयुर्वेद के वैद्य पटेलजी ने कुछ आयुर्वेदिक उपचार बताए हैं, जो सभी के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। साथ ही इन टिप्स को अपनाने के बाद आप लंबे समय तक जवां, खूबसूरत और हेल्दी रह सकते हैं।
आइए जानें कौन से हैं ये आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार।
जवां और हेल्दी बनाने वाले आयुर्वेदिक टिप्स
👉 आयुर्वेद के अनुसार, 'ब्रह्म मुहूर्त' के दौरान यानि सुबह 4-5.30 बजे के बीच उठना सही रहता है।
👉 यह बहुत जरूरी है कि आप सुबह-सुबह पानी पीएं। हालांकि, यह ध्यान रखें कि पानी कमरे के तापमान पर होना चाहिए और इसे रात में पहले से शुद्ध तांबे के गिलास में भर कर रख लें।
👉 आंखों को प्रतिदिन ताजे पानी या त्रिफला के पानी (जिसे आप रात को बनाकर रख सकते हैं) से साफ करना चाहिए।
👉 दांतों, मसूड़ों और जबड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए ऑयल पुलिंग करने की कोशिश करें। इससे आपकी आवाज में सुधार होगा और गालों से झुर्रियां दूर होंगी। गुनगुने तिल के तेल से दिन में दो बार गरारे करें। मुंह में ऑयल को होल्ड करके रखें, इसे जोर से मुंह में चारों ओर घुमाएं, फिर इसे बाहर थूक दें और धीरे से एक अंगुली से मसूड़ों की मसाज करें।
👉 नस्य करना चाहिए। जी हां नस्य का अर्थ है नाक से माध्यम से कुछ बीमारियों का इलाज करना। इसके लिए प्रत्येक नाक में गाय के घी को गुनगुने करके नाक में 3-3 बूंदे डालनी होती है। यह नाक को चिकनाई देने में हेल्प करता है, साइनस को साफ करता है और आवाज, आंखों और मानसिक स्पष्टता में सुधार करता है। इस तरह नाक से प्राण को पोषण होता है और बुद्धि आती है।
👉 रोजाना अपने पूरे शरीर की तेल से मालिश करना जरूरी होता है। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम तीन जरूरी अंगों पर मसाज जरूर करनी चाहिए। जी हां, आपको कान, सिर और पैर पर मसाज करने से आपको खुशी का अहसास होता है और साथ ही सिरदर्द, गंजापन, बालों का सफेद होना और अच्छी नींद के लिए प्रेरित करता है और त्वचा को मुलायम बनाए रखता हैं।
👉 अच्छी हेल्थ के लिए रेगुलर एक्सरसाइज विशेष रूप से योग करना बहुत जरूरी होता है। यह बीमारी के खिलाफ सहनशक्ति और प्रतिरोध बनाता है, बॉडी के केमिकल को साफ करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। यह शरीर के अंगों की प्रभावकारिता को बढ़ाता है, भूख और पाचन को बढ़ावा देता है और मोटापे को भी रोकता है।
👉 माथे, बगल और रीढ़ पर पसीना आने तक अपनी क्षमता के अनुसार रेगुलर एक्सरसाइज करें।
👉 अपनी बॉडी को डिटॉक्स करने और नेगेटिविटी को दूर करने के लिए सोने से पहले हर रात को अपने पैरों को धोएं। अपने पैरों को नमक के पानी में सोक करने की कोशिश करें।
👉 प्राण को अपने पूरे शरीर में हेल्दी तरीके से फ्लो करने में हमेशा सीधे ही बैठें। प्राण, ब्रह्माण्ड-प्राण का वह विशेष काम है, जो मानव-शरीर को अनिवार्य ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है। इसकी एनर्जी नासिका-छिद्रों से हार्ट-लेवल तक प्रवाहित होती है।
Monday, September 27, 2021
नमक के पानी में नहाने से हो जाएंगे गोरे, जानें 10 और फायदे
Tuesday, September 21, 2021
नंगे पैर पैदल चलने के 8 फायदे, तुरंत जानिए
रोजाना सुबह की सैर हो या फिर जिम में ट्रेडमील का इस्तेमाल, पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए हमेशा ही हितकर होता है और आप इसके फायदे भी जानते होंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नंगे पैर पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है? जी हां, बगैर मोजे और जूतों के, धरती पर पैदल चलना सेहत के लिए बेहद लाभदायक होता है। जानिए इसके यह 8 फयदे -
पुराने समय में लोग बगैर जूतों के ही पैदल चलते थे, लेकिन समय के साथ-साथ जूते-चप्पल पहनना आम हो गया। दरअसल गंदगी या चोट से बचने के लिए ही पैदल चलने के लिए जूते-चप्पलों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अगर आप किसी घास के मैदान या साफ जमीन पर पैदल चल रहे हैं, तो उसकी आवश्यकता नहीं होती। बल्कि नंगे पैर चलने से आपको कई फायदे हो सकते हैं।
1 सबसे पहला फायदा तो यह है, कि दिनभर आप अपने पैर जूते या चप्पलों से पैक रखते हैं, ऐसे में नंगे पैर खुली हवा में रहने से, पैरों को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है, रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे उनकी थकान या दर्द खत्म हो जाता है।
2 नंगे पैर पैदल चलने से वे सारी मांसपेशियां सक्रिय हो जाती है, जिनका उपयोग जूते-चप्पल पहनने के दौरान नहीं होता। मतलब आपके पैरों के अलावा, उससे जुड़े सभी शारीरिक भाग सक्रिय हो जाते हैं।
3 नंगे पैर पैदल चलते वक्त, आपके पंजों का निचला भाग सीधे धरती के संपर्क में आता है, जिससे एक्युप्रेशर के जरिए सभी भागों की एक्सरसाईज होती है, और कई तरह की बीमारियों से निजात मिलती है।
4 प्राकृतिक तौर पर धरती की उर्जा पैरों के जरिए आपके पूरे शरीर में संचारित होती है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे आपको भूमि तत्व से संबंधित रोग नहीं होते।
5 दिनभर जूते-चप्पल पहनकर आप चलने में जरूर संतुलन बनाए रखते हैं, परंतु नंगे पैर चलना आपके शरीर की सभी इंद्रियों के संतुलन की प्राकृतिक चेतना को बरकरार रखने में मदद करता है।
6 नंगे पैर चलने से शरीर में प्राकृतिक रूप से उर्जा बनी रहती है, और इससे शरीर के अंग अधिक सक्रिय, सुडौल व उपयोगी बनते हैं। इसके साथ ही आपका रक्तसंचार भी बेहतर होता है।
7 नंगे पैर चलना एक तरह से प्रकृति के साथ, खुद के और करीब आने जैसा है। इसके जरिए आप खुद के प्रति अधिक जागरूक होते हैं और पहले से अधिक संवेदनशील होते हैं।
8 इस प्रयोग से उर्जा का स्तर बढ़ने के साथ ही, तनाव, हाईपरटेंशन, जोड़ों में दर्द, नींद न आना, हृदय संबंधी समस्या, ऑथ्राईटिस, अस्थमा, ऑस्टियोपोरोसिस की समस्याएं भी समाप्त होती है, और रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
