Sunday, May 6, 2018
अनिद्रा का उपचार
सामान्य उपचार
नींद आने की समस्या से निजात पाने के लिए अकसर लोग नींद की गोलियों का सेवन करते हैं जो सही चीज नहीं मानी जाती। नींद ना आने (Sleep Disorder) की एक मुख्य वजह तनाव भी हो सकता है। अच्छी नींद पाने के लिए कुछ उपाय निम्न हैं:
अनिद्रा रोकने के उपाय (Remedies and Treatment of Insomnia)
शारीरिक परिश्रम शरीर को थकाता है और आराम की जरूरत बढ़ाता है। अतः नियमित खेलकूद या टहलना हमारे लिए लाभदायक है, इससे शरीर चुस्त रहता है और थकान होने के कारण नींद अच्छी आती है।
बिस्तर एवं शयन कक्ष आरामदायक हो, बहुत ठंडा या गरम न हो। इस बात का ध्यान रखें कि गद्दा आपके लिए उपयुक्त हो।
सोने से पहले धीमा संगीत भी शरीर को आराम देता है और सोने में मदद देता है।
सोते समय सिर के नीचे छोटा तकिया रखें। एक तकिया अपने घुटनों के नीचे और दूसरा अपने घुटने और जांघ के बीच रखें। इससे शरीर का वजन निचले हिस्से की ओर आएगा और आप आराम से सो सकेंगे।
सोने से एक घंटा पहले कमरे की लाइट हल्की कर लें।
सोते समय अच्छी और सकारात्मक बातें सोचें।
रात में सोने से पहले दूध पिएं, जिससे अच्छी नींद आएगी। चाय-कॉफी की मात्रा को सीमित करें और दिन भर में दो-तीन बार से ज्यादा इनका सेवन न करें।
समय पर सोने और जागने की आदत डालें।
अच्छे दोस्त बनाएं। अकेलेपन से दूर रहें।
यदि कोई चीज़ आपको परेशान कर रही है और आप उसके बारे में सही तरीके से नहीं सोच पा रहे हों तो अपनी समस्या को सोने से पहले कागज़ पर लिख लें और स्वयं से कहें कि कल आप इस समस्या से निपटेंगे।
अगर आप सो नहीं पाते हैं तो उठ जाएं और कुछ ऐसा करें जिससे आपको हल्का महसूस हो, जैसे – पढ़ना, टीवी देखना या हल्का संगीत सुनना और जब आप थकान महसूस करें तो फिर से सोने जाएं।
बालों को काला करने के आयुर्वेदिक टिप्स
बालों को प्राकृतिक रूप से काला करने के लिये आयुर्वेद में उपायों का खजाना है. काले-घने और लंबे बालों का राज है बालों की जड़ों को मिलने वाला पोषण। बालों को पोषण कलर, डाई या शैंपू से नहीं बल्कि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों (Ayurvedic Herbs) वाले से धोने या आयुर्वेदिक तेल (Ayurvedic Oils) लगाने से मिलता है।
आइए जानते हैं, कुछ ऐसे आयुर्वेदिक उपायों के बारे में जिसे इस्तेमाल करने से बाल न सिर्फ काला होता है बल्कि उनमें कुदरती चमक भी आती है। साथ ही, बालों का झड़ना-गिरना (Hair Fall) भी बंद हो जाता है।
आंवला पाउडर (Amala Powder)
आंवले के पाउडर को लोहे के काले रंग के बर्तन में एक दिन तक रखिए और दूसरे दिन सुबह इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। इस पेस्ट को पूरे एक हफ्ते तक पानी मिला कर लोहे बर्तन में रखना है। हफ्ते भर में यह पेस्ट बिल्कुल काला हो जाएगा। जब यह पेस्ट पूरी तरह काला हो जाए तो इसे डाई की तरह बालों में लगाएं। इस विधि को दो-तीन बार अलग-अलग दिन पर आजमाए। बालों में कुदरती काला रंग आने लगेगा (white hair turn to black hair)
शिकाकाई (Shikakai)
शिकाकाई और सूखे आंवले लेकर को अच्छी तरह से कूट ले। दोनों के टुकड़ों को रात भर पानी में भिगों कर रखें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे बालों की मालिश करें। मालिश करने के आधा घंटा बाद बाद नहा लें। बालों के सूखने पर नारियल का तेल लगायें। ऐसा करने से बाल काले, लंबे, मुलायम और चमकदार होते हैं। खास बात यह है कि शिकाकाई और आंवले से बाल कभी सफेद नहीं होते व जिनके बाल सफेद हों तो वे भी काले हो जाते हैं.
नारियल व जैतून का तेल और नींबू का रस (Coconut Oil, Olive Oil and Lemon Juice)
नारियल के तेल और जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) की बराबर मात्रा लेकर इसमें नींबू की कुछ बूंदे मिला कर बालों की मालिश करें। मालिश के बाद फिर गर्म तौलिए से सिर को तीन मिनट के लिए ढकें। ऐसा करने से बालों का झड़ना (hair fall) बंद होता है और बाल काला भी होता है।
मेथी पाउडर (Methi Powder)
मेथी के बीजों में बालों को पोषण देने वाले सभी जरुरी तत्व मौजूद होते हैं। मेथी के बीज में फॉस्फेट, लेसिथिन, न्यूक्लिओ-अलब्यूमिन और कॉड-लिवर ऑयल के साथ फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, नियासिन, थियामिन, कैरोटीन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करते हैं।
मेथी दानों को ग्राईंडर में पीसकर चूर्ण बना लें। चूर्ण में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इस पेस्ट को बालों में लगाएं। इसे लगाने से बाल काला, घना और लंबा तो होगा ही, डैंड्रफ की परेशानी भी खत्म होगी।
अमरबेल (Amarbel)
करीब 250 ग्राम अमरबेल को लगभग तीन लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा हो जाए और अमरबेल पानी में पूरी तरह मिल जाए तो तो इसे उतार लें। सुबह के समय इससे बालों को धोयें. इससे बाल लंबे, काले और घने होते हैं।
त्रिफला (Triphala)
त्रिफला चूर्ण में लगभग एक चौथाई ग्राम लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है और बालों में कुदरती रंग आती है।
कलौंजी (Klaunji)
एक लीटर पानी में पचास ग्राम कलौंजी उबाल लें। इस उबले हुए पानी को ठंडाकर इससे बालों को धोएं। बाल एक महीने के अंदर काले और लंबे हो जाएंगे।
नीम (Neem)
नीम के पत्तों को पानी के साथ पीसकर बालों में लगाएं व दो-तीन घंटे के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम होगा और बाल लंबे और काले भी होंगे।
मेंहदी और आंवला (Mehandi and Aanvala)
सूखी मेंहदी और सूखा आंवला की बराबर मात्रा लेकर शाम को पानी में भींगने के लिए छोड़ लें। रात भर भींगने के बाद सुबह इससे बालों को धोएंट इसे लगातार आजमाने बाल काले, मुलायम और लंबे होते हैं।
रीठा (Reetha)
एक ग्राम कपूर, 100 ग्राम नागरमोथा और रीठे के फल की गिरी, शिकाकाई पाव भर और 200 ग्राम आंवला, इन सभी को मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को आधा ग्लास पानी में मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को बालों में लगाएं लेप सूखने के बाद गुनगुने पानी से बालों को अच्छी तरह धो लें। इससे बाल काले, घने और मुलायम होते हैं। रीठा, आंवला व शिकाकाई को आपस में मिलाकर बाल धोने से बाल सिल्की और चमकदार होती है।
शंखपुष्पी (Sankhpushee)
शंखपुष्पी से बने तेल रोजाना नियमित रूप से बालों में लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।
भांगरा (Bhangra)
जहां पर बाल न हों, वहां पर भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकल सकते हैं। जिन लोगों के बाल अधिक टूटते-झड़ते हैं उन्हें इस उपाय को जरूर आजमाना चाहिए। त्रिफला चूर्ण को भांगरा के रस में उबाल कर फिर इसे अच्छी तरह से सुखाकर, पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बंद हो जाता है।
काला तिल (Kala Til)
काले तिल के तेल बालों में लगाने से बाल सफेद नहीं होते हैं। रोजाना सिर में तिल के तेल की मालिश करने से बाल हमेशा मुलायम, काले और घने बने रहते हैं।
बुजुर्गों के लिए 10 जरुरी हेल्थ टिप्स
एक जमाना था जब 60 पार करते ही मौत का भय लोगों को सताने लगता था। अब तो बुढ़ापे को भी लोग पूरी मस्ती से इंज्वाय कर रहे हैं और लंबी जिंदगी जी रहे हैं। हर आठ सकेंड में 10 हजार लोग 65 की उम्र में पहुंच रहे हैं और 80 साल से उपर तक हेल्दी जिंदगी जी रहे हैं।
अगर बुढापे में डॉक्टर के पास नहीं जाना है तो जवानी मे हीं आपको अपने जीवनशैली को बदलने की फैसला लेना पड़ेगा। सेहतमंद बुढ़ापे का यही मूल मंत्र है। सेहत को बरकरार रखने के लिए हेल्दी आदतों की रुटीन को अगर आप नियमित रुप से जिंदगी भर पालन करते हैं तो बुढ़ापा आपको कभी सालेगी नहीं।
क्या हैं हेल्दी आदतें और कैसे बनाए रखेंगे बुढ़ापे में भी सेहत को तंदरुस्त, आइए जानते हैं नीचे बताए गए 10 हेल्दी टिप्स से।
सक्रिय रहें, गतिशील रहें
खुद को फिट रखने के लिए हमेशा कुछ न कुछ करते रहें। जिससे आपका मन भी लगा रहेगा और साथ ही इससे सेहत भी बनी रहेगी। शरीर का संतुलन बना रहेगा इतना ही नहीं दिल भी सेहतमंद रहेगा। शारीरिक मेहनत करने से वजन कंट्रोल में रहेगा, बिमारियां दूर भागेगी, नींद अच्छी आएगी, तनाव कम होगी और हमेशा तंदरुस्त महसूस करते रहेंगे। इसके लिए आप नियमित रुप से व्यायाम और योग करते रहें।
नशा और धूम्रपान को कहें बाय-बाय
अगर आपने यह कदम सही समय पर उठा लिया तो समझे कि बुढ़ापे की जिंदगी खुशहाली में कटेगी। कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट के फेल हो जाने से जितनी भी मौत होती है उसकी सबसे बड़ी वजह नशा है।
स्मोकिंग से त्वचा पर जल्द ही झुर्रियां आने लगती है और त्वचा में लचीलापन नहीं रहता है। इतना ही नहीं स्मोकिंग से यौन शक्ति भी प्रभावित होती है।
हेल्दी और पोषक आहार खाए
सही मात्रा में अगर आप पोषक आहार नियमित रुप से ले रहे हैं तो ये आपको जीवन भर सेहतमंद रखेंगे। अगर आप अपने खाने की आदत में बदलाव लाते हैं तो दिल की बीमारी, उच्च रक्त चाप, डायबिटीज, ऑस्टीयोपोरेसिस समेत कई बीमारियों से बचे रहेंगे।
American Dietetic Association के शोध से पता चला है कि जहां बुजुर्ग अपने खाने में कई तरह के पोषक आहार का सेवन करते हैं वहां मौत की दर कम रही है।
बुजुर्गों को फल-सब्जी, अनाज, दाने प्रोटीन और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद खाने से हार्ट अटैक, कैंसर समेत कई तरह की बिमारियां बुढ़ापे में परेशान नहीं करती है। इससे हड़्डी और मांसपेशियां भी मजबूत रहती है।
वजन को नियंत्रित रखें
ज्यादा वजन होने पर दिल की बीमारी, डायबिटीज, उच्च रक्त चाप समेत कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है। हमेशा बीएमंआई (Body Mass Index) कैलकुलेटर से यह पता लगाते रहें कि आपके शरीर के हिसाब से वजन सही है कि नहीं।
गिरने से बचें
उम्र बढ़ने के बाद हड्डियां कमजोर होने से संतुलन गड़बड़ा जाती है और गिरने का ज्यादा खतरा बना रहता है। ध्यान रहे कि घर की फर्श गीली नहीं हो, कारपेट सही से बिछा हुआ हो। बाथरुम में बुजुर्गों को गिरने का खतरा ज्यादा रहता है। बाथरुम और गलियों में रात में लाइट नहीं होने से ज्यादा गिरने का घटनाएं होती है।
एक खास बात और नंगे पाव चलने से गिरने की संभावना ज्यादा रहती है। बुजुर्गों को ऐसे जूते या सैंडल पहने रहना चाहिए जिससे शरीर को संतुलन मिलती रहे और सपोर्ट भी मिले।
हेल्थ स्क्रीनिंग से अपडेट रहें
पचास पार करते ही औरतों को स्तन कैंसर की जानकारी के लिए मैमोग्राफी स्क्रीनिंग करानी चाहिए। पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग करानी चाहिए। इसके अलावे भी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समय-समय पर जांच और टीकाकरण कराते रहना चाहिए। खासकर रेनल, लीवर, थायराइड, डायबिटीज और ब्लड प्रोफाइल की जांच।
आँख-कान और दांत की नियमित चेकअप कराएं
आपके दांत और मसूढ़े अंतिम समय तक आपका साथ देंगें अगर आप इनका सही
देखभाल करते हैं। नियमित ब्रश करना और मसूढ़ों की सफाई करना हमारे आदत में
शुमार होनी चाहिए। बावजूद इसके 50 के बाद दांतो की शिकायत होने लगती है।
इसके लिए दांतो का चेकअप रेगुलर कराएं। आँखों की रोशनी भी कम होने लगती है।
नजदीक की चीज और छोटे अक्षरों को देखना-पढ़ना मुश्किल हो जाता है। आंखों
की रेगुलर चेकअप कराते रहना चाहिए ताकि सही पावर का लेंस आपको दी जा सके।
तनाव को भगाने का प्रबंधन करें
तनाव और अवसाद बुढ़ापे की सबसे खराब बीमारी है। यह आपको अंदर से खोखला कर देती है। तनाव और अवसाद से मुक्ति के लिए ध्यान और योग करें। सकारात्मक कामों में अपने को व्यस्त रखें ताकि कोई टेंशन आपको परेशान नहीं करे।
दोस्त बनाएं और सामाजिक कामों में रुचि रखें
सक्रिय जिंदगी यानि नौकरी से रिटायर होने के बाद अकेलापन बूढ़ों को काफी सालता है। ऐसे में फिट रहने और अकेलापन को दूर भगाने के लिए बुजुर्गों को अपना सामाजिक दायरा बढ़ाना चाहिए। समाज और मोहल्ले में बतियाने और सुख-दुख बांटने के लिए नए-नए दोस्त बनाना चाहिए।
चैन की नींद सोएं
साठ की उम्र के बाद प्राय बुजुर्गों को नींद में परेशानी होने लगती है। किसी-किसी को इंसोमेनिया की शिकायत हो जाती है तो कोई रात में सही से नहीं सोने पर दिन में सोते रहते हैं। अच्छी नींद नहीं लेने से सेहत पर गंभीर असर पड़ता है।
कद बढ़ाने के लिए घरेलू उपचार
सूखी नागौरी, अश्वगंधा की जड़ को कूटकर चूर्ण बना लें और इसमें उतनी ही मात्रा में खांड मिलाकर कांच की शीशी में रखें। इसे रात को सोने से पहले गाय के दूध (दो चम्मच) के साथ लें। ये लम्बाई और मोटापा बढ़ाने में फायदेमंद होता है साथ ही इससे नया नाखून भी बनना शुरू होता है। इस चूर्ण को लगातार 40 दिन खाएं। सर्दियों में ये ज्यादा फायदेमंद होता है।
नोट- इस चूर्ण का सेवन करते समय खटाई, तली चीजें न खायें और जिन्हें आंव की शिकायत हो, तो अश्वगंधा न लें। अगर आप ये चूर्ण नहीं खा पा रहे हैं, तो सुबह सुबह ताड़ासन करें।
ताड़ासन करने के लिए दोनों हाथ उपर करके सीधे खड़े हो जायें, लम्बी श्वास लें, हाथ ऊपर धीरे-धीरे उठाते जायें, ध्यान रहे कि साथ-साथ पैर की एड़ियां भी उठती रहें। पूरी एड़ी उठाने के बाद शरीर को पूरी तरह से तान दें और लम्बी श्वास लें। ऐसा करने से स्नायु सक्रिय होकर विस्तृत होते हैं और यह कद बढ़ाने में सहायक साबित होता है।
1- 2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण, 1- 2 ग्राम काले तिल, 3 से 5 खजूर को 5 से 20 ग्राम गाय के घी में एक महीने तक खाने से शरीर बढ़ने में लाभ होता है। साथ में पादपश्चिमोत्तानासन, पुल्ल-अप्स करने से एवं हाथ से शरीर झुलाने से ऊँचाई बढ़ती है। व्यायाम के अलावा भोजन में प्रोटीन, कैल्शियम तथा विटामिनों की जरूरत बहुत आवश्यक है तथा पौष्टिक भोजन करने से लम्बाई बढ़ने में फायदा मिलता है।
पुरुषों की कमजोरी को जड़ से मिटाने के देसी तरीके
तालमखाना (Talmakhana)- अधिकतर धान के खेतों में पाया जाने वाला तालमखाना लैटिन भाषा में एस्टरकैन्था-लोंगिफोलिया (Asteracantha Longifolia) कहलाता है। रोजाना सुबह और शाम लगभग 3-3 ग्राम तालमखाना के बीज दूध के साथ लेने से वीर्य गाढ़ा होता है और शीघ्रपतन, स्वप्नदोष, शुक्राणुओं की कमी आदि रोगों से छुटकारा मिलता है।
गोखरू (Gokhru)- गोखरू का फल कांटेदार होता है और औषधि के रूप में काम आता है। बारिश के मौसम में यह हर जगह पर पाया जाता है। नपुंसकता रोग में गोखरू के लगभग 10 ग्राम बीजों के चूर्ण में इतने ही काले तिल मिलाकर 250 ग्राम दूध में डालकर आग पर पका लें। पकने पर इसके खीर की तरह गाढ़ा हो जाने पर इसमें 25 ग्राम मिश्री का चूर्ण मिलाकर सेवन करना चाहिए। इसका सेवन नियमित रूप से करने से नपुसंकता रोग में बहुत ही लाभ होता है।
मूसली (Musli)- मूसली काली और सफेद दो तरह की होती है। सफेद मूसली काली मूसली से अधिक गुणकारी होती है और वीर्य को गाढ़ा करने वाली होती है। मूसली का 3-3 ग्राम चूर्ण सुबह और शाम दूध के साथ लेने से वीर्य गाढ़ा होता है और शरीर में काम-उत्तेजना की वृद्धि होती है।
उड़द (Urad)- उड़द के लड्डू, उड़द की दाल, दूध में बनाई हुई उड़द की खीर का सेवन करने से वीर्य की बढ़ोतरी होती है।
अन्य उपाय-
वीर्य तथा सेक्स क्षमता में वृद्धि के लिए- पीपल का फल और पीपल की
कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100
मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक
पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें।
तालमखाने के बीज, चोबचीनी, ढाक का गोंद और मोचरस (सभी 100-100 ग्राम) तथा 250 ग्राम मिश्री को कूटकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। इससे यौन रुपी कमजोरी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग दूर होते हैं।
हीमोग्लोबिन के लिए नुस्खे
भोजन में पोषक तत्त्वों की कमी के कारण हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से घटता है। इसे बढ़ाने के लिए जरूर है कि दैनिक अहार में आयरन तथा प्रोटीन युक्त खाने का इस्तेमाल करें।
नियमित रूप से खाने में अंडा, दाल, जूस आदि के सेवन से खून की कमी की स्थिति से बाहर आ सकते हैं।
शराब और धूम्रपान जैसी बुरी आदतों से दूरी भी हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है।
प्रतिदिन सुबह के समय की स्वच्छ हवा में किया गया व्यायाम भी हमें स्वस्थ रखने में सहायता करता है।
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